| دلیران میدان گشوده نظر | | که بر کینه اول که بندد کمر |
| که ناگاه عمرو آن سپهر نبرد | | برانگیخت ابرش برافشاند گرد |
| چو آن آهنین کوه آمد به دشت | | همه رزمگه کوه فولاد گشت |
| بیامد به دشت و نفس کرد راست | | پس آنگاه باستاد همرزم خواست |
| حبیب خدای جهان آفرین | | نگه کرد بر روی مردان دین |
| همه برده سر در گریبان فرو | | نشد هیچکس را هوس، رزم او |
| به جز بازوی دین و شیر خدا | | که شد طالب رزم آن اژدها |
| بر مصطفی به هر رخصت دوید | | از او خواست دستوری اما ندید |
| به سوی هژیر ژیان کرد رو | | به پیشش برآمد شه جنگجو |
| دویدند از کین دل سوی هم | | در صلح بستند به روی هم |
| فلک باخت از سهم آن جنگ رنگ | | بود سهمگین جنگ شیر و پلنگ |
| نخست آن سیه روز و برگشته بخت | | برافراخت بازو چو شاخ درخت |
| سپر برسرآورد شیر اله | | علم کرد شمشیر آن اژدها |
| بیفشرد چون کوه پابر زمین | | بخایید دندان به دندان کین |
| چو ننمود رخ شاهد آرزو | | به هم حمله کردند باز از دو سو |
| نهادند آوردگاهی چنان | | که کم دیده باشد زمین و زمان |
| ز بس گرد از آن رزمگه بردمید | | تن هر دو شد از نظر ناپدید |
| زره لخت لخت و قبا چاک چاک | | سر و روی مردان پر از گرد و خاک |
| چنین آن دو ماهر در آداب ضرب | | زهم رد نمودند هفتاد حرب |
| شجاع غضنفر وصی نبی | | نهنگ یم قدرت حق، علی |
| چنان دید بر روی دشمن ز خشم | | که شد ساخته کارش از زهر چشم |
| برافراخت پس دست خیبر گشا | | پی سر بریدن بیفشرد پا |
| به نام خدای جهان آفرین | | بینداخت شمشیر را شاه دین |
| چو شیر خدا راند بر خصم، تیغ | | به سر کوفت شیطان دو دست دریغ |
| پرید از رخ کفر در هند رنگ | | تپیدند بت خانهها در فرنگ |
| غضنفر بزد تیغ بر گردنش | | درآورد از پای، بی سر تنش |
| دم تیغ بر گردنش چون رسید | | سر عمرو صد گام از تن پرید |
| چو غلتید در خاک آن ژنده فیل | | بزد بوسه بر دست او جبرئیل |
باذل مشهدی مترجم : آتسوشی ناکانه 
u3000西暦627年、預言者ムハンマド率いるマディーナ軍と不信仰者たちのメッカ軍との間で戦争が勃発する。(ハンダクの戦い、塹壕の戦い)u3000マディーナ側は街の周囲に塹壕を築き、メッカ軍の攻撃に備えた。これが功を奏し、メッカ軍はマディーナを前に手をこまねく。そんな中、メッカ軍の武将アムルーが塹壕の狭くなった部分からマディーナの要塞の中へ飛び込む。これにより、アムルーとムハンマドの後継者アリーとの一騎打ちが始まる。 | 誰が最初に戦の覚悟を決めるかと | | 戦場の猛者たちは眼を見開き窺っていた | | 馬を立たせ、土埃を舞い上がらせた | | すると突如、戦の空のごときアムルーが | | 戦場は一面、鋼の山と化した | | 鉄の山のごとく荒野に現れると | | その場に立ち、一戦を構える相手を呼んだ | | 荒野に着き息を整え | | 信仰を共にする男たちの面々を眺めると | | この世を創造されし神の友が | | 彼との戦を買って出る者はいなかった | | みな恐れ泣きながら顔を伏せ | | その龍との決戦に名乗り出た | | ただ一人、信仰の腕っぷし、神の獅子*1が | | 命を下すよう請うも叶わず | | 選ばれし者*2の許しを求め駆け寄り | | 百戦錬磨の王者*1もそのもとに現れた | | 麗しい顔のもとに敵意をむき出しにやってきた*3 | | 和解の扉は閉じられた | | 双方、敵を討たんと駆け寄った | | 獅子と豹の戦いは恐ろしい | | 空はこの戦に怖気立って色を失い | | 木の枝のように腕を振り上げ | | まず、呪われし世と悪運*4が | | 龍*4は剣を突き上げた | | 神の獅子が盾を頭上にかざせば | | 怒りに震え歯を食いしばっていた | | 山のごとく地を踏みしめて立ち | | 双方ふたたび攻め合った | | 待ち望む恋人がその麗しい顔を見せることはなく*5 | | この世でも稀に見る場所になった | | 二人によって戦場は | | 二人の姿は見えなくなった | | 決戦場からは凄まじい土埃が舞い上がり | | 二人の頭や顔は埃だらけ | | 鎧はバラバラ、長衣は穴だらけ | | 互いに七十もの技から身をかわした | | 斯くのごとき豪傑二人は果し合いで | | 神の力という海に棲む鯨、アリー | | 勇猛な獅子は預言者の後継ぎ | | その怒りの眼で事は動いた | | 怒って敵の顔を見る | | 首を獲らんと地を踏みしめた | | ハイバルの征服者*6は手を掲げ | | 信仰の王は剣を振り下ろした | | この世を創造されし神の名において | | 悪魔は両手で頭をたたき嘆き喚いた | | 神の獅子が敵に刃を見舞うと | | 西の偶像拝殿は打ち震える | | インドの不信仰者も顔面蒼白 | | 彼の首なし体は崩れ落ちた | | 獅子は敵の首に刃を振り落とし | | 彼の頭は百歩先まで吹き飛んだ | | 刃の先がアムルーの首に至った時 | | ジブラーイールはアリーの手に口づけをした | | その巨象が地に反り返るように落ちると | *1 イマーム・アリーのこと *2 預言者ムハンマドのこと *3 麗しい顔をしたアリーのもとにアムルーがやってきた *4 アムルーのこと *5 待ち望む結果(相手の降伏)が得られず *6 イマーム・アリーの愛称のひとつ。このハンダクの戦いを経た西暦628年、マディーナとメッカの間で和平が結ばれる。しかし、ハンダクの戦いでメッカ側に協力した一部のユダヤ人部族は、マディーナを率いる預言者ムハンマドへの復讐の機会を窺っていた。これにより、ユダヤ人部族とマディーナの間で戦争が勃発し、アリーの活躍で、ユダヤ人が住んでいた街ハイバルは制圧される。この逸話からつけられた愛称。 | バーゼル・マシュハディー 訳:中根u3000敦 |
|